सूरज तुम में कहीं हर दिन बन जाओ उजाला हर कोने के न रहे कहीं धूल! सूरज तुम में कहीं हर दिन बन जाओ उजाला हर कोने के न रहे कहीं धूल!
कभी तुम्हारे खत पढ़कर ये अन्तर्मन महकाता है। कभी तुम्हारे खत पढ़कर ये अन्तर्मन महकाता है।
इन्हें देखकर तो हर कोई जलता ही रह गया इन्हें देखकर तो हर कोई जलता ही रह गया
जलता है दिल किसी की खुशी से जैसे जल रहा हो उसी का ख़्वाब जलता है दिल किसी की खुशी से जैसे जल रहा हो उसी का ख़्वाब
पल-पल जलता हूॅं, अंधेरों से मिलता हूॅं। ना वो मेरा होता है,ना मैं उसका होता हूॅं।। पल-पल जलता हूॅं, अंधेरों से मिलता हूॅं। ना वो मेरा होता है,ना मैं उसका होता ह...
चाँदनी थी रात अचानक मौसम बदल गयाबरसा बादल इस कदर कि शहर जल गयाचाँदनी थी रात अचानक.............. कुछ ... चाँदनी थी रात अचानक मौसम बदल गयाबरसा बादल इस कदर कि शहर जल गयाचाँदनी थी रात अचान...